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Oxford University की कोरोना वैक्‍सीन ह्यूमन ट्रायल में हुई सफल

लंदन. ब्रिटेन की ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की कोविड-19 वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) का पहला ह्यूमन ट्रायल सफल हो गया है. ब्राजील में किए गए ह्यूमन ट्रायल के बेहतरीन नतीजे आए हैं. ट्रायल में शामिल किए गए वॉलंटियर्स में वैक्‍सीन से वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है. ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक वैक्सीन ChAdOx1 nCoV-19 (AZD1222) के पूरी तरह सफल होने को लेकर आश्वस्त हैं. साथ ही उन्हें भरोसा है कि सितंबर 2020 तक ये वैक्सीन लोगों को उपलब्ध करा दी जाएगी. इस वैक्सीन का उत्पादन AstraZeneca करेगी. वहीं, भारतीय कंपनी सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) भी इस परियोजना में शामिल है.

Oxford University की कोरोना वैक्‍सीन ह्यूमन ट्रायल में हुई सफल, भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

 चरण में 200 से 300 लोगों पर होगी ट्रायल
ह्यूमन ट्रायल के नतीजों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है. उम्‍मीद की जा रही है कि इसकी आधिकारिक घोषणा बृहस्‍पतिवार को ‘द लैंसेट’ में लेख के जरिये की जाएगी. ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की इस वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल 15 लोगों पर किया गया था. अब करीब 200-300 लोगों पर इसका परीक्षण होगा. ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि ट्रायल में शामिल लोगों में एंटीबॉडी और व्‍हाइट ब्लड सेल्स (T-Cells) विकसित हुईं. इनकी मदद से मानव शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार हो सकता है.

एंटीबॉडी के साथ टी-सेल्‍स भी बना रही वैक्‍सीन
अब तक तैयार हुई ज्‍यादातर वैक्सीन एंटीबॉडी बनाती हैं. वहीं, ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन एंटीबॉडी के साथ व्‍हाइट ब्लड सेल (Killer T-cell) भी बना रही है. इस शुरुआती सफलता के बाद हजारों लोगों पर इसका परीक्षण किया जा सकेगा. यूनिवर्सिटी की इस वैक्सीन के ट्रायल में ब्रिटेन में 8,000 और ब्राजील व दक्षिण अफ्रीका में 6,000 लोग शामिल किए गए हैं. बता दें कि ऑक्‍सफोर्ड की वैक्सीन का ब्रिटेन में सबसे पहले इंसानों पर ट्रायल किया गया था. इससे पहले अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की कोरोना वैक्‍सीन (Moderna Coronavirus Vaccine) अपने पहले ट्रायल में पूरी तरह से सफल रही.

भारत को मिलेंगी वैक्‍सीन की 50 फीसदी डोज
भारत का सीरम इंस्टिट्यूट भी ऑक्सफोर्ड के इस प्रोजेक्ट में पार्टनर फर्म है. SII दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाने के लिए जाना जाता है. इस कंपनी ने AstraZeneca के साथ टाई-अप कर रखा है. ये कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार कर रही है. ऑक्सफोर्ड का प्रोजेक्ट सफल होने पर सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया वैक्सीन की 100 करोड़ डोज तैयार करेगी. इनमें से 50 प्रतिशत हिस्सा भारत के लिए होगा और 50 प्रतिशत गरीब व मध्यम आय वाले देशों को भेजा जाएगा. आसान शब्‍दों में समझें तो ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्‍सीन पूरी तरह सफपल रहने पर भारत को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में बड़ा फायदा होगा.

Oxford University की कोरोना वैक्‍सीन ह्यूमन ट्रायल में हुई सफल, भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

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